TY - BOOK AU - जनमेजय, प्रेम सम्पा0. TI - व्यंग्य का समकालीन परिदृश्य: व्यंग्य का समकालीन परिदृश्य.-1 संस्क0, दिल्ली: ग्रंथलोक, 2009 SN - 978-81-88567-49-2 U1 - 8H7.09 PY - 2009/// CY - दिल्ली PB - ग्रंथलोक ER -